मजबूर नहीं मजलूम नहीं मजदूर हैं हम। मेहनत मेरा ईमान खून पसीना बहाते हम।। मजबूर नहीं मजलूम नहीं मजदूर हैं हम। मेहनत मेरा ईमान खून पसीना बहाते हम।...
जहाँ खर्च हो जाता था करोड़ों रुपया सुरक्षा के नाम पे अब वहां होगा विकास जहाँ खर्च हो जाता था करोड़ों रुपया सुरक्षा के नाम पे अब वहां होगा विकास
बोलने की स्वतंत्रता, समस्या को सुलझाना यही शासक का धर्म होता है !! हम खुद देशद्रोही न बने, देश क... बोलने की स्वतंत्रता, समस्या को सुलझाना यही शासक का धर्म होता है !! हम खुद देश...
ना मैं फौज़ी, ना मैं सिपाही, करूँ कैसे देश सेवा, यही मेरे मन माही। ना मैं फौज़ी, ना मैं सिपाही, करूँ कैसे देश सेवा, यही मेरे मन माही।
इनसे कैसे पाऐं पार? पैने दाँत लिऐ भूखे शिकारी अधिकार छीनने को तैयार कहते -2 विवश होकर रो पड़ा - एक ... इनसे कैसे पाऐं पार? पैने दाँत लिऐ भूखे शिकारी अधिकार छीनने को तैयार कहते -2 विव...
इन्हें भी तो अपना बचपन जीने दो ... इन्हें भी तो अपना बचपन जीने दो ...